বিনিয়োগ— অস্য শ্রীপ্রজ্ঞাবিবর্ধন স্তোত্রমন্ত্রস্য সনৎকুমার ঋষিঃ । স্বামী কার্ত্তিকেয়ো দেবতা । অনুষ্টুপ ছন্দঃ । মম সকলবিদ্যা সিদ্ধার্থং জপে বিনিয়োগঃ। শ্রীস্কন্দ উবাচ — যোগীশ্বরো মহাসেন কার্ত্তিকেয়োগ্নিনন্দনঃ । স্কন্দঃ কুমার সেনানী স্বামী শংকর সম্ভবঃ ॥১॥ (শ্রী কার্ত্তিকেয়কে নমস্কার) — যিনি এক মহাযোগী, যাঁকে অগ্নিদেবের পুত্ররূপে উল্লেখ করলে “মহাসেন” নামে জানা যায়, যাঁকে ষড়কৃতিকাদের পুত্ররূপে উল্লেখ করলে “কার্ত্তিকেয়” নামে পরিচিত করা হয়; যাঁকে দেবী পার্বতীর পুত্ররূপে উল্লেখ করলে “স্কন্দ” নামে ডাকা হয়, যাঁকে দেবী গঙ্গার পুত্ররূপে উল্লেখ করলে “কুমার” নামে জানা যায়; যিনি দেবসেনাদের অধিপতি, আমাদের গুরু এবং যিনি ভগবান শংকর থেকে উৎপন্ন হয়েছেন। গাঙ্গেয়স্তাম্রচূডশ্চ ব্রহ্মচারী শিখীধ্বজ । তারকারীরুমাপুত্র ক্রৌঞ্চারিশ্চ ষডাননঃ ॥২॥ (শ্রী কার্তিকেয়কে প্রণাম) যিনি মা গঙ্গা ও তাঁর অনুগামিনী তাম্রচূড়ার প্রিয়, যিনি ব্রহ্মচারী এবং যাঁর প্রতীক ময়ূর, যিনি তারকাসুর ও ক্রৌঞ্চাসুরের শত্রু, যিনি দেবী উমার পুত্র, তাঁর ছয়টি মুখ রয়েছে। শব্দব্রহ্ম সমুদ্রশ্চ সিদ্ধ সারস্বতো গুহঃ । সনৎকুম...
🚩 हमारे समाज में, विशेषकर वैष्णव सम्प्रदाय के अनेक लोग, शास्त्रों का अध्ययन किए बिना ही यह दावा कर देते हैं कि शिव एक कुरूप, कुवर्ण और ऐश्वर्यहीन देवता हैं, जिनके पास कुछ भी नहीं है—जो केवल कैलास पर्वत, जंगल और श्मशान में निवास करते हैं। इसी प्रकार की अज्ञानता के कारण लोग शिव को एक सामान्य देवता समझ बैठते हैं। किन्तु सनातन शास्त्रों के अनुसार परमेश्वर शिव विश्वब्रह्माण्ड के सर्वोच्च सौन्दर्य, महिमा और ऐश्वर्य के अधिष्ठाता हैं। उनके समान दूसरा कोई नहीं, और वही सभी देवी-देवताओं को रूप–सौन्दर्य तथा ऐश्वर्य प्रदान करते हैं। आइए आज हम वेद, पुराण, उपनिषद तथा इतिहास-ग्रन्थ महाभारत से इसके प्रमाणों को जानें— ♦️ प्रथम प्रमाण — भस्मजाबाल उपनिषद से ✨ “कैलासशिखरावासमोंकारस्वरूपिणं महादेवं… (पूर्ण मंत्र)… एकमाशास्यं भगवन्तं शिवं प्रणम्य।” (भस्मजाबाल उपनिषद 1/1) अर्थ:— जो कैलास के शिखर पर निवास करते हैं, ओंकारस्वरूप, जिन्होंने उमा को अपने अर्धभाग में धारण किया है; जिनके मस्तक पर अर्धचन्द्र शोभित है; सूर्य-चन्द्र-अग्नि जिनके नेत्र हैं; जो अनन्त तेजस्विता से प्रकट होते हैं; बाघम्बरधारी, हाथ में ...
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