ये धारयन्ति हृदये लिङ्ग चिद्रूपमैश्वरम् । न तेषां पुनरावृत्तिर्घोरसंसारमण्डले ॥ ४२ ॥

 ये धारयन्ति हृदये लिङ्ग चिद्रूपमैश्वरम् । न तेषां पुनरावृत्तिर्घोरसंसारमण्डले ॥ ४२ ॥


[  सूत्र- सिद्धान्त शिखामणि ]


 अर्थ:- जो लोग अपने हृदय में चिद्रूप शिवलिङ्ग का धारण करते हैं उनका घोर संसारमण्डल में पुनर्जन्म नहीं होता ॥ ४२ ॥


©शौर्यनाथ शैव।( ISSGT)

International Shiva Shakti Gyan Tirtha - ISSGT


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